जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन अक्टूबर 1999 में भारतीय समाज के सबसे वंचित वर्ग अनुसूचित जनजाति (अजजा) के एकीकृत सामाजिक-आर्थिक विकास के समन्वित और योजनाबद्ध उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किया गया था। जनजातीय कार्य मंत्रालय, अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए चलाई जा रही समग्र नीति, योजना औऱ समन्वयन के लिए नोडल मंत्रालय है। जनजातीय कार्य मंत्रालय की गतिविधियां भारत सरकार (बिजनेस आवंटन) नियमावली, 1961 के तहत आवंटित विषयों से संबंधित हैं, इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
1. अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक सुरक्षा तथा सामाजिक बीमा।
2. जनजाति कल्याण: जनजाति कल्याण योजना बनाना, परियोजना तैयार करना, अनुसंधान, मूल्यांकन, सांख्यिकी एवं प्रशिक्षण।
3. जनजाति के कल्याण के संबंध में स्वैच्छिक प्रयासों का संवर्धन और विकास।
4. अनुसूचित जनजातियां, जिसमें इन जनजातियां के छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां शामिल हैं।
5. निम्नलिखित विषयों के संबंध में प्रशासनिक मंत्रालय :- · अनुसूचित क्षेत्र · सड़कों, पुल निर्माण कार्य तथा उन पर नौघाटों को छोड़कर असम के स्वायत्त जिले, · अनुसूचित क्षेत्रों के लिए और संविधान की छठीं अनुसूची के पैराग्राफ २० से सलग्न सारणी के भाग ÷क में विनिर्दिष्ट जनजातीय क्षेत्रों के लिए राज्य के राज्यपालों द्वारा बनाए गए विनिमिय ·

माननीय मंत्री

श्री जुएल ओराम

माननीय राज्य मंत्री

श्री जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोर