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एसजी-जनजातीय उप-योजना के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता

 

एसजी-जनजातीय उप-योजना के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता

 

केन्द्रीय सहायता देने के लए दिशानिर्देश

1 राज्य सरकार को जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य जनजातीय सह योजना के रूपमें विशेड्ढ केन्द्रीय सहयता उपलबध कराया जाता है। विशेड्ढ केन्द्रीय सहायता मुख्य रूप से परिवार अभिमुख आया उत्पादन योजना के लिए कृड्ढिय बागवानी तथाा पशुपालन क्षेत्र में दिया जाता है। विशेड्ढ केन्द्रीय सहायता का एक भाग (३० प्रतिशत से अधिक नहीं ) इस प्रकार के आय उत्पादन योजना के इन्फ्रास्ट्रक्चर के पिकाए के पद खर्च कीअनुमति देता है। एस सी ए जनजातीय सह योजना की योजना तथा जनजातिय विकास के लिए राज्य योजना द्वारा किये गये प्रयास मे सयोग करना चाहता है। योजनाका उददेश्य से भाग मे है।
१.
 अनुसूचित जनजाति के सामाजिक आर्थिक विकास

२. जनजाति के शोड्ढण के विरूद्ध सूरक्षा

उपदलिखित के लिए एस सी ए (विड्ढशे केन्द्रीय सहायता ) प्राथमिकता के आधारपर अनुसूचित जनजति के आर्थिक विकास की योजना/परियोजना केलिए अनुदान देता है।

२. जीओआई विस्तृत दिशानिर्देश का निर्धारण निम्नलिखित सिद्धान्त कर करता है।
१.
 एस सी ए प्राथामिकता के आधार पर परिवार अभिमुख आय उत्पादन योजना को साधन उपलब्ध करवाएगा
२.
 अगर कोई केन्द्रीय सेक्टर/ केन्द्रीय प्रायोजित योजना के लिए योजनाएं उपलबध करायी जाती है तो एस सी ए को उपयोग न केवल एक क्षेत्र में ही बल्कि उपलब्ध किसी भी उल्लेखित योजना में खर्च कर लाभ उठाया जा सकता।

३. मुख्य  इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए जनजनतीय सह-योजना से सहयोग दिया जाना चाहिए जैसे एस सी ए द्वारा विजजीकरण तथा सड़क निर्माण मे सहयोग दिया जा रहा है।
४.
 राशि भूगतान करने वाले ईकाई को योजना के लिए एस सी ए के परे भुगतान नहीं किया जाना चािहए अगर जनजनति कोड्ढ में किसी प्रकार की असुविधा हानि होती है तो उसको देखकर भुगतान की व्यवस्था किया जाना चाहिए।

५ गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले जनजाति लोंगों को केवल ए सी ए वित्तीय क्रियाकलाप से सहयोग किया जाना चाहिए।

६. अगर कोई विशेष नियोजित परियोजना को किसी बाहरी संस्था राष्ट्रीय अथवा अन्तराष्ट्रीय के द्वारा वित्तीय सहायता दीजाती है तो यह राजय सरकार का सहयोग माना जाएगा। इस प्रकार का योगदान सामान्यतया राज्य योजना से आना चाहिए न कि विशेंष केन्द्रीय सहयोग से
७. जब कभी जनजातीय विकास सरकारी निगम टी डी सी सी या वन विकास निगम एफ डी सी जैसी राज्स सरकार सगठन जनजातीय कल्याण तथा विकास समबन्धित योजना के साथ कोई समझौता करती है तो आधारित भग  जी ओ आई के पूर्व मजूरी बिना एस सो से बाहर भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।
८. जनजातीय आवश्यकता से सम्बन्धित विबश क्षेत्र जैसे रेशम उत्पादन, बागवानी आदि को विशेष योजना के द्वारा प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए

९. चल रहे दूसरे विकास कार्यक्रम द्वारा दिये गए संयोजनात्मक राशि का निश्चयन मे निश्चित रूप से सामजस्य स्थापित किया जाना चाहिए ताकि बेहतर स्थानी तथा जनसांखिकीय राशि का विस्तार हों

३. विड्ढश केन्द्रीय सहायता (एस सी ए) आर्थिक विकास के लिए निम्नलिखित को दिया जाता है।

(ं)एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना (आई टी डी पी) का क्षेत्री एक बड़े क्षेत्र में सत्रिहित है जिसमें कुल जनसंख्या का ५० प्रतिशत अनुसूचित जनजाति है।

(इ) एम एडी ए क्षेत्र  (खण्ड) में अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या १०००० तथा उससे अधिक, में ५० प्रतिशत आवादी है।

(ब)चिन्हीत झुग्गी झोपडी क्षेत्र में ५००० की कुल आवादी में ०. अनुसूचित जनजाति की आवादी ५० प्रतिशत तथा उससे भी अधिक है।

(क) चिन्हीत आदिम जनजाति , जो अनुसूचित जनजाति से अलग किया हुआ समुदाय ही, की आवादी कम है, जो कृड्ढियुग के बहाने के तकनीकी से परिचित है तथा जिसकी साक्षरता अन्यन्त ही कम है, उस प्रकार के ७५ अदिम जनजाति को पहचाना जा चुका है।

(म) उपर से एइएबए तथा क से बाहर अपने भूल जगह से निर्वासित जनजातिय आवादी
(f) एम एम एल पी के लागू करने के लिए राज्य में जनजातीय वित्त और विकास निगम को भार्जिन मनी लोन प्रोग्राम  ( एम एम एल पी )के लिए सहायता

(ह) विशेष परियोजना प्रस्ताव भी प्राप्त किया जाता है। तथा उसको मंजूरी दी जाती है।

४. जहॉ तक प्रक्र्र्र्र्रयात्मक आशय से सम्बन्धित दिशानिर्देश निम्नलिखित रूप के ह

१. एस सी ए राज्य सरकार / केन्द्र प्रशासित प्रशासन द्वारा  आइ टी डी पी के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए तथा एस सी ए का कोई भी भाग राज्य सरकार के किसी भी विकास द्वारा नहीं लागू किया जना चाहिए विभाग / संस्था द्वारा लागू किये जाने के लिए राशि का स्नानान्तरण केवल आइ टी डी पी के द्वारा लागू करने वाली संस्था के संवाद अधिकारी के नाम किया जाना चाहिए।
२. आई टी डी पी को क्षेत्रीयच परिचालन आधारित  पॉच सांल। वार्ड्ढिक योजना बनाना चाहिए।
३.
 संवैधानिक प्रावधान पूरा कर योजना, जिसपर एस सी ए उपयोग किये जाने के लिए प्रस्तावित है, राज्य / केन्द्रप्रशासित प्रदेश के र्र्र्वार्ड्ढिक टी एस पी ए में उल्लेखित किया जना चाहिए तथा भारत सरकार के प्रशानिक मंजूरी प्राप्त किया जाना चाहिए सामान्यता एस सी ए राज्य को तीन किस्तों में किया जाता है। और सारी रकम तिसरी किस्त में उपलब्ध करवाया जाता है। यह रकम इस बात पर निर्भर करता है कि पहले दी गयी रकम की उपयोगिता तथा राज्य  सरकार द्वारा निष्पादन का स्तर क्या है।

  

आठवीं पंचवर्ड्ढीय योजना

नौवीं पंचर्षीय योजना

 


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